परिवार के प्रोत्साहन से मिलती है  कामयाबी : इंदु रानी

- वैदिक संस्कार केंद्र पर सिविल जज जूनियर डिवीजन इंदु रानी सम्मानित
- जिले के गांव तेवड़ा की बेटी ने पीसीएस जे में पाई थी 22 वीं रैंक



संतोष विहार में सिविल जज इंदु रानी को सम्मानित करते आचार्य गुरुदत्त आर्य एवं मास्टर निर्मल सिंह धीमान।


मुजफ्फरनगर। सिविल जज जूनियर डिवीजन इंदु रानी ने कहा कि बेटियों के लिए न्यायिक सेवा श्रेष्ठ क्षेत्र है। केरियर में कामयाबी के लिए परिवार का प्रोत्साहन महत्वपूर्ण है।
संतोष विहार में वैदिक संस्कार चेतना केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में बिजनौर की सिविल जज जूनियर डिवीजन इंदु रानी को आचार्य गुरुदत्त आर्य ने  महर्षि दयानंद का ग्रन्थ सत्यार्थ प्रकाश भेंट किया।आर्य ने कहा कि समाज बेटियों को संस्कारों की दृढ़ता से उच्च शिक्षा में आगे बढ़ाए। ज्ञान और चरित्र से जीवन निर्माण होता है। पीसीएस जे में सूबे में 22वीं रैंक पाकर बेटी ने जिले का गौरव बढ़ाया है। अतिथि सिविल जज इंदु रानी ने कहा कि मन की एकाग्रता और लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने से अवश्य सफलता मिलती है। न्यायिक सेवा में बेटियों का बढ़ता रुझान महिला सशक्तिकरण के लिए शुभ संकेत है। बेटियों को मन से प्रोत्साहन दीजिये, वो कामयाबी के नए मुकाम छूएगी। इस मौके पर श्री विश्वकर्मा धीमान सेवा संघ की ओर से भी उन्हें प्रतिभा सम्मान एवं श्रीरामचरित मानस ग्रन्थ दिया गया। संस्था अध्यक्ष मास्टर निर्मल सिंह एवं महामंत्री नरेश विश्वकर्मा ने ककरौली क्षेत्र के गांव तेवड़ा निवासी उनके पिता एवं बरेली में एएसपी वायरलेस लक्ष्मण सिंह और माता रेखा सिंह व भाई रविकांत का सम्मान किया। सरदार बलविंद्र सिंह सल्ह, विजेंद्र धीमान कुरलकी, सेवाराम धीमान, वीरेंद्र विश्वकर्मा, खाद्यय सुरक्षा अधिकारी यज्ञदत्त आर्य, सोना देवी, शिक्षिका रेनु शर्मा, अनन्या दत्त, हर्षवर्धन, अथर्व भारद्वाज, लक्षयदेव, देवांश जांगिड़ आदि मौजूद रहे। संचालन नरेश विश्वकर्मा ने किया।