मुजफ्फरनगर। तीर्थ नगरी शुक्रताल में स्थित विश्वकर्मा मंदिर में श्री विश्वकर्मा जी का पूजन धूमधाम के साथ किया गया।वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन कार्य को पुरोहित के पद से राजेश आर्य ने संपन्न कराया। नितिन धीमान भोकरहेड़ी सपत्नीक यजमान रहे। इस अवसर पर पुरोहित के पद से बोलते हुए राजेश आर्य ने कहा कि वेदों में विश्वकर्मा जी की महिमा के अनेकों मंत्र हैं। विश्वकर्मा जी की पूजन विधि वेदों में समाहित है। हमें वेदों के अनुसार विश्वकर्मा जी के पूजन को करना चाहिए। महर्षि दयानंद ने वेदों में विश्वकर्मा जी के मंत्रों के महत्व को समझा कर बताया है। इस अवसर पर मंदिर के प्रधान तारा चंद धीमान, सचिव आदेश धीमान व कोषाध्यक्ष योगेश धीमान ने आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे सभी बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस करोना काल में आप लोग विश्वकर्मा जी के पूजन के लिए इस सिद्ध पीठ पर पहुंचे हैं उसके लिए आप सभी का आभार है। उन्होंने कहा कि इस पीठ पर विश्वकर्मा जी के पूजन का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर विश्वकर्मा जी की महिमा का णगान सेवाराम धीमान ने किय। उन्होंने अपने भजनों के द्वारा विश्वकर्मा जी की महिमा को बड़ी बारीकी से समझाया।
पूजन कार्यक्रम के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर विजेंद्र धीमान कुरालकी, पूर्व सचिव नरेश कुमार विश्वकर्मा, जयप्रकाश धीमान, सतीश धीमान, नरेश जी मान तुगलपुर आदि लोगों ने मुख्य रूप से भाग लिया।